Happy Soul - Love & respect life.
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Thursday, July 29, 2010
बेठे हुए कई ख्वाब बुने हमनें
एक अजीब से मुकाम पे पोहांचा पाया खुद को
पर जोर हवा जब उड्डा लेगई उन ख्वाबों को
तो सचाई में खुद को जला पाया हमनें.
Saturday, May 17, 2008
दोस्त
दोस्त तेरी दोस्ती अज़ीज़ है ,
तुझ से मिले नहीं फिर भी तू करीब है,
मोड़ कैसा भी हो जिस पर हम मिले,
खुदा की रजा से हम मिले हैं हम खुशनसीब हैं.
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